आरोपी जीएसटी अधिकारी को लेकर कार्यालय में हंगामा
आइआईए अध्यक्ष को तलब करने पर बिफरे व्यापारी
मुजफ्फरनगर । जीएसटी अधिकारियों और व्यापारियों के बीच में चल रही तनातनी बुधवार को हंगामे में तबदील हो गई। आईआईए के पदाधिकारी व्यापारियों के साथ जीएसटी कार्यालय में पहुंचे और जमकर हंगामा किया। इस दौरान जीएसटी ज्वाइंट कमिश्नर के सामने विभाग के एक अधिकारी पर जीएसटी छापे से डराते हुए रिवश्त मांगने के आरोप लगाए। व्यापारियों की बात सुनने के बाद ज्वाइंट कमिश्नर स्तर के अधिकारी ने आरोपी वाणिज्य कर अधिकारी के खिलाफ जांच बैठा दी है।
आईआइए चैयरमेन के नेतृत्व में बुधवार को बड़ी संख्या में व्यापारी और उद्यमी जीएसटी विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर के पास पहुंचे। इस दौरान उद्यमी और व्यापारियों ने वहां हंगामा करते हुए विभागीय अधिकारियों पर जबरन छापे का दबाव बनाने और पैसे मांगने का आरोप लगाया। आईआइए के पूर्व चेयरमैन विपुल भटनागर ने आरोप लगाया कि जीएसटी विभाग के एक वाणिज्य कर अधिकारी पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने शेरनगर स्थित श्री सनमति एक्सिम इंडिया प्राइवेट के मालिक को छापे के नाम पर ब्लैकमेल किया है। खुद का उच्च अधिकारी बताते हुए नाम बदलकर संपर्क किया और व्यापारी को धमकाया। गोपनीय सूचना साझा करते हुए व्यापारी को छापा डालने से बचने के लिए 50 लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि खुद को जीएसटी विभाग का बड़ा असफर बाते हुए मीटिंग तय की, जिसके बाद व्यापारी से 10 लाख रुपये एक मुश्त व साथ ही 50 हजार रुपये प्रति माह देने प्रस्ताव दिया। आरोप है मामले की शिकायत डीसी मनोज शुक्ला से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामला सुनने के बाद जीएसटी के ज्वाइंट कमिश्नर सिद्धेश दीक्षित, उपायुक्त मनोज शुक्ल आदि ने व्यापारियों के साथ बैठक की और मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
आईआइए अध्यक्ष को नोटिस देने पर गर्माया मामला
वाणिज्य कर अधिकारी ने ज्वाइंट कमिश्नर बनकर अवैध वसूली करने का मामला खूलने के बाद विभागीय अधिकारियों पर व्यापारी हावी हो गए। उपायुक्त मनोज शुक्ल से आईआइए अध्यक्ष को नोटिस लेकर कार्यालय तलब किया, जिसके बाद व्यापारी और उद्यमी शिकायत लेकर कार्यालय में पहुंच और हल्ला बोल दिया। इस दौरान उद्यमियों ने आरोप यह भी लगाया कि अधिकारी शिकायत पर व्यापारियों को ही कार्यालय मे तलब कर रहे हैं, जो गलत है।














