3 दिसम्बर 2018 को हुई हिंसा में तत्कालीन थाना प्रभारी सुबोध सिंह की हुई थी हत्या, अदालत ने प्रशांत नट समेत पांच अभियुक्तों को इंस्पेक्टर की हत्या का दोषी करार दिया
बीबीनगर भाजपा के मंडल अध्यक्ष सचिन अहलावत, जिला पंचायत सदस्य योगेश राज, सत्येंद्र राजपूत प्रधान भी दोषी
अन्य 33 अभियुक्त बलवा और 307 जैसी गंभीर धाराओं में दोषी माने गए, सभी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया जेल
बुलंदशहर। गोकशी को लेकर हुई बहुचर्चित स्याना हिंसा में करीब साढ़े छह साल बाद बुधवार को न्यायालय ने सभी 38 आरोपियों को दोषी ठहराया। इनमें पुलिस इंस्पेक्टर की हत्या में पांच और अन्य 33 अभियुक्त बलवा और जानलेवा हमले के तहत दोषी पाए गए हैं। दोषियों में भाजपा मंडल अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान भी शामिल हैं। सभी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। सजा पर फैसला एक अगस्त को सुनाया जाएगा। एक बाल अपचारी का मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
शासन से नियुक्त विशेष अधिवक्ता एवं पूर्व डीजीसी यशपाल सिंह राघव ने बताया कि 3 दिसंबर 2018 को स्याना के गांव महाव में गोकशी को लेकर हुई हिंसा में स्याना थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह की हत्या हुई थी। मामले में 44 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसमें एक बाल अपचारी है। जबकि पांच आरोपियों की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है। बुलंदशहर एडीजे-12 गोपाल जी के न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 38 अभियुक्तों को दोषी करार दिया। इसमें पांच आरोपियों प्रशांत नट, डेविड, जॉनी, राहुल, लोकेंद्र मामा को इंस्पेक्टर की हत्या और अन्य 33 आरोपियों को जानलेवा हमला (धारा-307), बलवा आदि की धाराओं में दोषी ठहराया गया है। इनमें भाजपा के बीबीनगर मंडल अध्यक्ष सचिन अहलावत, जिला पंचायत सदस्य योगेश राज और सत्येंद्र राजपूत प्रधान भी शामिल हैं। फैसले के बाद भाजपा ने सचिन अहलावत को मंडल अध्यक्ष पद से मुक्त कर दिया है। सभी को दोषी करार दिए जाने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया। अदालत ने सजा सुनाए जाने के लिए एक अगस्त की तारीख निर्धारित की है।
ये था मामला
3 दिसंबर, 2018 को स्याना कोतवाली क्षेत्र की चिंगरावठी पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव महाव में गोवंश के अवशेष मिलने पर हिंसा भड़क गई थी। हिंसा में स्याना के तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह शहीद हो गए थे। पास के गांव चिंगरावठी के छात्र सुमित की भी मौत हो गई थी। इस मामले में 27 नामजद समेत 50-60 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने विवेचना के बाद 44 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशाीट दाखिल की थी।














