खतरे के निशान 209 मीटर से 27 सेंटीमीटर नीचे बह रही यमुना
शाम के समय छोड़ा गया 46 हजार क्यूसेक पानी
बागपत | पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से बागपत में यमुना और हिंडन नदी एक बार फिर से उफान पर है। सोमवार को यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। जिसके चलते यमुना का पानी किसानों की फसलों में घुसने लगा है। वहीं, हिंडन नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। जिससे किसानों की नींद उड़ी हुई है। उन्हें खून पसीने से तैयार फसलों के बर्बाद होने का डर सता रहा है।
पिछले कई दिनों से पहाड़ों पर भारी बारिश हो रही है। जिसके चलते हथनीकुंड बैराज पर क्षमता से अधिक पानी का स्टॉक हो गया है। पानी के स्टॉक को कम करने के लिए यमुना और हिंडन नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। गत दिवस यमुना नदी में 10 से 15 हजार क्यूसेक पानी प्रतिघंटे छोड़ा गया। जिसका असर सोमवार को देखने को मिला। बागपत में यमुना नदी ने एक बार फिर से विकराल रूप धारण कर लिया है। यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 27 सेंटीमीटर नीचे रह गया है। पचायरा गेज के अनुसार सोमवार की सुबह यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 209 मीटर के करीब पहुंच गया। जिसके चलते यमुना नदी का पानी गौरीपुर, निवाड़ा, सांकरौद, सुभानपुर, नूरपुर मुजविदा, अब्दुलपुर, काठा, मवीकलां, कोताना, नैथला आदि गांवों के किसानों की फसलों में भरने लगा है।किसानों को फसल के बर्बाद होने का डर सता रहा है। दूसरी और हिंडन नदी भी उफान पर है। हिंडन के आसपास के खेतों में खड़ी फसलों के बर्बाद होने का खतरा बना हुआ है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता अनिल निमेश ने बताया कि यमुना नदी का जलस्तर अभी और बढ़ेगा। जिसका असर मंगलवार की सुबह देखने को मिलेगा। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सोमवार की शाम यमुना नदी में 46 हजार क्यूसेक पानी प्रतिघंटे छोड़ा गया। जिससे यमुना नदी खतरे के निशान को पार कर जाएगी।














