सुभाष गेट पर ठेका सफाई कर्मियों ने दिया धरना, हड़ताल के चलते शहर में लगे गंदगी के अंबार, लोग परेशान
बागपत | सहकर्मियों को नौकरी से निकाले जाने समेत 12 सूत्रीय मांगों को लेकर ठेका सफाई कर्मी सोमवार को भी हड़ताल पर रहे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए सुभाष गेट पर धरना दिया। शाम के समय जुलूस निकालते हुए नगर पालिका कार्यालय पर पहुंचे। वहां उन्होंने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी, तब तक काम बंद हड़ताल जारी रहेगी। वहीं, सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते शहर में गंदगी के अंबार लग गए है। जिसके चलते लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। आवागमन के समय भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
बागपत नगर पालिका में 150 से अधिक सफाई कर्मी ठेके पर रखे गए है, जबकि 30 सफाई कर्मी स्थाई और संविदा पर तैनात है। सफाई ठेकेदार और सफाई कर्मियों के बीच पिछले कई माह से मानदेय भुगतान समेत कई तरह की समस्यओं को लेकर विवाद चला आ रहा है। जिसके चलते ठेकेदार ने कुछ ठेका कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया, वहीं नगर पालिका प्रशासन ने भी सफाई नायक को निलंबित कर दिया। जिसके बाद से ठेका सफाई कर्मी सड़क पर उतरे हुए है। पिछले चार दिनों से ठेका सफाई कर्मी काम बंद हड़ताल पर है। सोमवार को उन्होंने शहर के सुभाष गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। शाम के समय वे जुलूस निकालते हुए नगर पालिका कार्यालय पर पहुंचे। वहां उन्होंने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सफाई कर्मियों का कहना है कि उनकी मानदेय भुगतान समेत 12 मांगें है। जब तक नगर पालिका प्रशासन उनकी मांगों को पूरा नहीं करता, तब तक वे हड़ताल पर रहेंगे। अब नगर पालिका प्रशासन के साथ आर-पार की लड़ाई ही लड़ी जाएगी। सफाई कर्मी किसी के बहकावे में आकर काम पर नहीं लौटेंगे।
शहर में हालात बद से बदतर
ठेका सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते बागपत शहर डंपिंग यार्ड बन गया है। शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे पड़े है। कोई मोहल्ला ऐसा नहीं बचा है, जिसमें गंदगी के अंबार न लगे हो। गलियों से लेकर सड़कों तक पर कूड़ा-करकट फैला हुआ है। आवारा पशु गंगदी पर विचरण कर रहे है। जिसके चलते लोग परेशान बने हुए है। उनका कहना है कि गंदगी के चलते हवा प्रदूषित हो चली है। जिसके चलते सांस लेना तक दुभर हो गया है। लोगों का कहना है कि पिछले चार दिनों से शहर में सफाई नहीं हो रही है। हर जगह कूड़े के ढेर लगे पड़े है। संक्रामक रोगों के पनपने की भी स्थिति बन चली है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो शहर के लोग नगर पालिका पर धरना शुरू कर देंगे।
ठेका कम्पनी के साथ सफाई कर्मियों का चला आ रहा विवाद
नगर पालिका प्रशासन ने जब से भूदेवा कंपनी को सफाई का ठेका दिया है, तभी से कंपनी के ठेकेदार और सफाई कर्मियों के बीच तनातनी चली आ रही है। सफाई कर्मियों का आरोप है कि ठेकेदार अपनी मनमानी चलाता है। उसके गुर्गे शहर की सफाई-व्यवस्था में व्यवधान डाल रहे है। कई बार ठेकेदार को समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन ठेकेदार गुर्गों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। उल्टे उनका मानदेय रोक देता है या फिर नौकरी से निकाल देता है। सफाई कर्मियों ने नगर पालिका के अधिकारियों के साथ ठेकेदार की मिली-भगत होने का भी आरोप लगाया है।














