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10 साल में छाप दी 5 हजार फर्जी मार्कशीट, लखनऊ कनेक्शन भी जुड़ा

-लखनऊ का साथी ओपन स्कूल की मार्कशीट उपलब्ध कराता है
मेरठ। फर्जी मार्कशीट बनाने वाला मेरठ का गिरोह पिछले 10 साल से सक्रिय था। मेरठ में जितेंद्र ही फर्जी मार्कशीट बनाता था। उसके साथ पकड़े गए शिवकुमार और निखिल दोनों ही छात्रों को जाल में फंसाकर वसूली करते थे। लखनऊ में गिरोह का जो साथी ट्रेस किया गया है, उसका काम केवल उत्तरप्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद की मार्कशीट देने और डाटा ऑनलाइन अपडेट करने का होता है। अब लखनऊ की टीम इसी आरोपी के पीछे लगी है।

एएसपी एसटीएफ ब्रिजेश सिंह ने खुलासा किया कि जितेंद्र अपने साथियों के साथ फर्जी मार्कशीट बनाने और नंबरों में हेरफेर करने का काम पिछले करीब 10 साल से कर रहा है। आरोपी जितेंद्र मार्कशीट में लगाए जाने वाले पेपर की तरह का ही पेपर लेकर आता था। बाकी सारी व्यवस्था जितेंद्र अपने कंप्यूटर से करता था और हॉलमार्क भी बनाता था। शिवकुमार और निखित का काम छात्रों को फंसाकर रकम वसूलने का होता था। बताया कि किसी छात्र को मार्कशीट में नंबर बढ़वाने होते हैं तो गिरोह उसी नाम-रोलनंबर और बाकी तमाम लिखापढ़ी को उसी तरह रखता है। सिर्फ नंबर बढ़ाकर इनका योग बदल दिया जाता है। ऐसे में फर्जी मार्कशीट के माध्यम से किसी भी कॉलेज में छात्र एडमिशन ले लेता था। इस तरह की मार्कशीट बनवाने वाले ज्यादातर छात्र प्राइवेट नौकरी के लिए इसका इस्तेमाल करते थे। बताया कि गिरोह अभी तक पांच हजार से ज्यादा मार्कशीट बनाकर दे चुका है।

लखनऊ के आरोपी की तलाश

पूछताछ में जितेंद्र ने बताया कि जब भी किसी छात्र या व्यक्ति को उत्तरप्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद की कुछ माह या साल भर पुरानी मार्कशीट चाहिए होती थी, इसके लिए वे लखनऊ में अपने साथी से संपर्क करते थे। व्हाट्सएप पर फोटो समेत सारी जानकारी भेज दी जाती थी। लखनऊ का सदस्य 10 से 15 दिन में मार्कशीट बनाकर भेज देता था और इसे पोर्टल पर भी अपलोड कर देता था। इस काम के लिए जितेंद्र 15 हजार रुपये लेता था और पांच हजार रुपये लखनऊ वाले आरोपी को भेजे जाते थे।

15 हजार रुपये में मार्कशीट, तीन हजार में टीसी

एक मार्कशीट बनाने के लिए गिरोह 10 से 15 हजार रुपये और टीसी बनाने के लिए तीन हजार रुपये लेता था। एक टीसी को बनाने में 15 दिन का समय लगता था। एसटीएफ पता कर रही है कि मुहर कहां से बनवाई गई थी।

इनकी हुई गिरफ्तारी

  1. जितेंद्र पुत्र साधू सिंह निवासी सी-28 पांडवनगर सिविल लाइन मेरठ
  2. शिवकुमार पुत्र राकेश कुमार निवासी 397/9 जागृति विहार, मेडिकल थाना मेरठ

3. निखिल तोमर पुत्र बादाम सिंह निवासी 57 आशानगर, जेलचुंगी थाना मेडिकल

यह किया गया बरामद
एक कंप्यूटर सीपीयू, एक प्रिंटर, एक हार्ड डिस्क, अलग-अलग स्कूल की 10 मुहर, दो स्टांप पैड, यूपी बोर्ड की 10वीं की 25 मार्कशीट और 12वीं कक्षा की 49 मार्कशीट बरामद की गई। इसके अलावा उत्तरप्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद की दो मार्कशीट, दो टीसी, एक सनद और एक हुंडई ओरा कार बरामद हुई है।

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