सहारनपुर से लेकर शामली और बागपत तक बाढ़ की चेतावनी जारी, सरसावा, नकुड़ के कई गांव में बढ़ा खतरा, प्रशासन अलर्ट हुआ
सहारनपुर । हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी से यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी के तटवर्ती गांवों और निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। सिंचाई विभाग के अनुसार, बैराज से सुबह 9:00 बजे तक 3,29,313 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी 24 से 48 घंटे में दिल्ली पहुंचेगा, जिससे सहारनपुर से लेकर शामली, बागपत और दिल्ली तक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
विभाग के अनुसार सोमवार सुबह 5:00 बजे से ही यमुना नदी का जल स्तर बढ़ना शुरू हो गया था। सुबह 9:00 बजे इस सीजन का सर्वाधिक 3,29,313 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दोपहर बाद जाकर पानी में कमी आई। शाम 5:00 बजे जल स्तर घटकर 2.12 लाख क्यूसेक हो गया था। यमुना में अचानक छोड़े गए पानी का असर सरसावा और नकुड़ क्षेत्र के नदी किनारे के गांवों पर ज्यादा पड़ा है। नदी किनारे बसे नवाजपुर आदि कई गांवों में पानी घुसने से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और नदी किनारे अनावश्यक न जाएं। जिला प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने संयुक्त रूप से गांव-गांव में मुनादी कर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, नौका दल व रेस्क्यू टीमें सक्रिय कर दी गई हैं, ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
बैराज से छोड़ा गया पानी अगले 24 से 48 घंटों में दिल्ली तक पहुंच जाएगा। जिससे बागपत और दिल्ली राजधानी में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है। दिल्ली सरकार ने बाकायदा हथिनीकुंड से छोड़े गए पानी का संज्ञान लेते हुए अलर्ट जारी किया है। जानकारों का कहना है कि अगर अगले 24 घंटे में हरियाणा और उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बैराज का पानी दिल्ली पर पड़ता रहा है भारी
पिछले वर्षों में हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण दिल्ली और आसपास के कई निचले क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए थे। इस बार भी खतरे के संकेत साफ हैं। अब देखना होगा कि अगले 48 घंटों में जलस्तर किस स्थिति में पहुंचता है और प्रशासन हालात से निपटने में कितना सफल रहता है।
सहारनपुर से दिल्ली तक बढ़ेंगी मुश्किलें
सहारनपुर से लेकर दिल्ली तक यमुना किनारे बसे इलाकों में हालात गंभीर हो सकते हैं। हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया 3.29 लाख क्यूसेक पानी निचले क्षेत्रों में तबाही का बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती गांवों में दहशत फैला दी है। फिलहाल प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। यमुना का यह पानी सहारनपुर के साथ शामली और बागपत होते हुए दिल्ली पहुंचेगा जिससे यहां हालात विकट हो सकते हैं।
कब कितना पानी छोड़ा गया
यमुना नदी में हथनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़ने का सिलसिला जारी है। सोमवार सुबह हथिनीकुंड बैराज से 329313 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सुबह 7 बजे यमुना में हथनीकुंड बैराज से 272000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद 8 बजे तकरीबन 311032 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और 9 बजे 329313 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो कल तक दिल्ली पहुंचेगा। शाम को 2.12 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।














