मेरठ पुलिस किराएदारों के सत्यापन के लिए शुरू कररही है अभियान
अपराधियों को मकान किराये पर देने और पुलिस को सत्यापन के लिए सूचना नहीं देना अब मकान मालिक को भारी पड़ जाएगा। पुलिस ऐसे मकान मालिक को भी अपराधिक गतिविधियों के संरक्षण और मिलीभगत के आरोप में जेल भेजेगी। साथ ही शहर के लिसाड़ी गेट, कोतवाली, ब्रह्मपुरी और लोहियानगर इलाकों में किरायेदार सत्यापन के लिए बड़ा अभियान शुरू करने का आदेश दिया गया है। दरअसल, अपराधी घटनाएं करने के बाद किराये का मकान बदलकर दूसरी जगह रहने लगते हैं। ऐसे में इनकी खोजबीन करना पुलिस के मुश्किल हो जाता है। इसलिए ही यह व्यवस्था कराई जा रही है।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि ब्रह्मपुरी क्षेत्र में हाल ही में पुलिस ने एक हथियार फैक्ट्री पकड़ी थी। इस दौरान खुलासा हुआ कि जिस मकान में हथियार बनाए जा रहे थे, उसे किराये पर लिया गया था। इसके अलावा पूर्व में यह इनपुट पुलिस को मिलता रहा है कि शातिर अपराधी घटनाएं करने के बाद और जेल से रिहा होने के बाद अपने किराये के मकान को बदल लेते हैं। चूंकि मकान मालिक इन लोगों का सत्यापन नहीं कराते, इसलिए इन लोगों की तलाश करने में समस्या होती है। इसी बात का फायदा लेकर अपराधी लगातार मकान बदल कर पुलिस को गच्चा दे रहे हैं। बताया कि इसी को लेकर लिसाड़ी गेट, कोतवाली, ब्रह्मपुरी और लोहियानगर समेत बाकी थानाक्षेत्र(जहां अपराधी आमतौर पर पनाह लेते हैं) में किरायदारों और अपराधियों के सत्यापन के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसी दौरान यदि खुलासा हुआ कि किसी मकान मालिक ने बिना सत्यापन कराए और पुलिस को बिना सूचना दिए किसी अपराधिक रिकार्ड वाले व्यक्ति को मकान-कमरा किराये पर दिया है तो इस मामले में कार्रवाई कराई जाएगी। यदि घटना होने के बाद पुष्टि होती है तो मुकदमे में साक्ष्य मिटाने संबंधित अपराध में मकान मालिक को भी आरोपी बनाया जाएगा। बताया कि नियमानुसार किरायेदार रखने के संबंध में थाना पुलिस को सूचना देना अनिवार्य है, ताकि उनका सत्यापन कराया जा सके।


















