वर्ष 2003 में विश्वविद्यालय के बीएड विभाग में तोड़फोड़ का है मामला, तब छात्र संघ अध्यक्ष थे डॉ. सोमेन्द्र
न्यायालय एसीजेएम कोर्ट सं-3 मेरठ, विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए नदीम अनवर की अदालत में मंगलवार को ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. सोमेन्द्र तोमर 22 साल पुराने मामले में पेश हुए। न्यायालय में उन्होंने धारा 313 सीआरपीसी के तहत अपने बयान दर्ज कराए। इसके बाद उनके अधिवक्ता ब्रजभूषण गर्ग द्वारा न्यायालय में बहस की गई। न्यायालय ने मुकदमे में निर्णय के लिए 16 सितंबर की तारीख तय की गई है।
ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. सोमेन्द्र तोमर के अधिवक्ता ब्रजभूषण गर्ग के अनुसार, मामला 22 वर्ष पुराना है। 14 अगस्त 2003 को चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय के बीएड विभाग के कुछ शिक्षक कार्य कर रहे थे। तभी कुछ छात्रों ने अंकतालिका से संबंधित बात करनी चाही। आरोप है कि इस पर शिक्षक ने कहा कि वह गोपनीय कार्य कर रहे हैं और उन्होंने उनकी बात सुनने से मना कर दिया। इसके बाद छात्रों ने लाठी और सरिये से हमला कर दिया। दरवाजे और शीशे तोड़ने लगे। इस मामले में सोमेन्द्र तोमर सहित छह लोगों का नाम प्रकाश में आया था। तब सोमेन्द्र तोमर चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष थे। मामले में मंगलवार को सोमेन्द्र तोमर ने न्यायालय में पेश होकर बयान दर्ज कराए। इसके पश्चात अधिवक्ता ब्रजभूषण गर्ग द्वारा न्यायालय में बहस की गई और बताया कि मुकदमे में आरोपी ऊर्जा मंत्री सोमेन्द्र तोमर को झूठा फंसाया जा रहा है। घटना के दौरान वह मौके पर मौजूद नहीं थे, जिसका उन्होंने साक्ष्य न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने बहस को सुनकर पत्रावली को 16 सितंबर को निर्णय के लिए सुरक्षित रख लिया।

मेरठ : 22 साल पुराने मामले में ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. सोमेन्द्र तोमर कोर्ट में पेश
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