खादर क्षेत्र में जमकर कहर बरपा रही गंगा, कई गांवों के लोगों का हुआ जीना दुश्वार
हस्तिनापुर | खादर क्षेत्र में गंगा जमकर कहर बरपा रही है। कई गांवों के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। चारों और पानी ही पानी है जो आंखों के सामने बर्बादी का मंजर दिखा रहा है। फसलें, सड़क और बस्तियों में बहता पानी उनके विनाश की इबारत लिख रहा है परंतु लोग अपनी जिंदगी बचाने के लिए ही बैचेन हैं कि जीवन बचा तो सब कुछ है।
पिछले कई दिनों से गंगा नदी का कहर बस्तौरा नारंग गांव पर है। कटान सड़क को निशाना बना रहा है साथ ही गांव से मात्र तीन सौ मीटर दूरी पर है। हालांकि, गंगा के जलस्तर की स्थिति यथावत ही है। इस समय एक लाख 70 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज चल रहा है। वहीं, सिरजेपुर के समीप से टूटा तटबंध किशनपुर, हादीपुर गांवड़ी व गंगा पुल के अप्रोच रोड को निशाना बना रहा है। वहीं, चेतावाला-मखदूमपुर मार्ग पर बस्तौरा गांव को अपना निशाना बना रहा है। बस्तौरा नारंग गांव के राजबीर, नवीन, इंद्रजीत सिंह, जयंत व प्रधान मनोज कुमार का कहना है कि गंगा उनकी फसलों को तो नुकसान पहुंचा देती थी परंतु इस बार तो तेज कटान के चलते गांव पर भी खतरा मंडरा रहा है, जिसे देख लोगों ने गांव से जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन प्रारंभ कर दिया है। उधर, एडीएम वित्त एवं राजस्व सूर्यकांत त्रिपाठी, एसडीएम संतोष कुमार सिंह ने बस्तौरा गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। वहीं, ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने तीन सूत्रीय मांगपत्र एडीएम को सौंपा जिसमें ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने व रूकने की व्यवस्था‚, भीकुंड गांव से जलालपुर तक पक्का तटबंध तथा नष्ट हुई फसलों का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने भी लोगों का हाल जाना तथा एडीएम से भी वार्ता की। उन्होंने ग्रामीणों को सड़क पर कार्य कराने के लिए सहायता राशि भी दी।
ग्रामीण रात भर क्षतिग्रस्त सड़क पर मिट्टी के कट्टे भरकर रखते रहे
बस्तौरा नारंग के लोग रात भर सड़क को मजबूत करने में जुटे रहे क्योंकि यदि सड़क बही तो गंगा का मुख्य मुहाना बस्तौरा गांव ही होगा इसलिए रात भर लोग कड़ी मशक्कत के साथ मिट्टी के कट्टे भरकर क्षतिग्रस्त सड़क पर लगाने में जुटे रहे।
कई गांव हैं प्रभावित
गंगा के जलस्तर से खादर क्षेत्र के सिरजेपुर, हादीपुर गांवड़ी, किशनपुर, भीकुंड, खेड़ी कलां, मखदूमपुर, किशोरपुर, जलालपुर जोरा आदि प्रभावित हैं।
मकान तलाश रहे हैं लोग
गंगा के तेज कटान को देखते हुए ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। इस कारण लोगों ने गांव से पलायन प्रारंभ कर दिया है। बस्तौरा नारंग गांव के जरनैल सिंह, करतार सिंह, जगजीत सिंह, गुड्डी कौर और कौशल्या कौर ने भी हस्तिनापुर में कस्बे में किराये के मकान लेकर सुरक्षित ठिकाना ढूंढ लिया है। इसके अलावा अन्य लोग भी नगर में ठिकाना खोज रहे हैं।
खेड़ी कला और बधुवा गांव के लोगों का संपर्क कटा
पुल की अप्रोच रोड बह जाने से खेड़ी कला और बधुवा का संपर्क टूटे एक माह होने को है क्योंकि आने जाने का रास्ता बंद है। वहीं, चांदपुर जाने वाले मार्ग पर भी पानी ही पानी है जिस कारण वे बीच में ही फंसे हुए। इस कारण मुख्य बाजार से उनका संपर्क ही कट गया है। वहीं, सोलर लाइट से ही मोबाइल चार्ज कर रहे हैं परंतु मौसम खराब होने के चलते मोबाइल भी चार्ज नहीं हो पा रहे हैं जिस कारण अपनों से संपर्क कट हो गया है।














