खंड़ शिक्षाधिकारियों को भरकर देना होगा शपथ पत्र, 10 जुलाई तक चिंहित किए जाएंगे स्कूल
बागपत | बागपत में संचालित अमान्य स्कूलों पर अब शिकंजा कसा जाएगा। जिले में अब ऐसे स्कूल नहीं चलने दिए जाएंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी 10 जुलाई तक सघन अभियान चलाएंगे। 15 जुलाई तक इन स्कूलों को बंद कराकर शासन को रिपोर्ट देनी होगी। खंड शिक्षाधिकारी को यह प्रमाण-पत्र देना होगा कि उनके क्षेत्र में कोई अमान्य स्कूल संचालित नहीं है।
वर्तमान में 50 से कम छात्र संख्या वाले परिषदीय स्कूलों को मर्ज करने के निर्णय से शिक्षक और शिक्षक संगठन नाराज हैं। शिक्षक संगठनों की मांग है कि परिषदीय स्कूलों को बंद करने के बजाय अमान्य स्कूलों पर कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि कई परिषदीय स्कूलों की बिल्डिंग से सटे अमान्य स्कूल संचालित हो रहे हैं। नगर क्षेत्र में तो अमान्य स्कूलों का पूरा कॉकस सक्रिय है। इन स्कूलों में बच्चों का प्रवेश नियमों के विरुद्ध लिया जा रहा है, जबकि परिषदीय स्कूलों में छह वर्ष से पहले बच्चों का प्रवेश नहीं हो सकता। समस्या यह है कि जब बच्चा छह वर्ष का होता है, तब तक वह अमान्य स्कूलों से जुड़ चुका होता है और उसे परिषदीय स्कूल लाना कठिन हो जाता है। आरोप है कि ये स्कूल खंड शिक्षाधिकारियों और विभागीय बाबुओं की सरपरस्ती में चलते हैं। कई खंड शिक्षाधिकारी पहले ही शासन को झूठा प्रमाण-पत्र दे चुके हैं कि उनके क्षेत्र में कोई अमान्य स्कूल नहीं है। अब शासन ने मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि 10 जुलाई तक जनपद में सघन जांच हो और ऐसे स्कूलों पर कठोर कार्रवाई की जाए। नोटिस देने की तिथि से लेकर बंद कराने की तिथि तक का ब्यौरा देना होगा।

अमान्य स्कूलों पर लटकेगा ताला, 15 तक देंगे रिपोर्ट
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