भारी मात्रा में एमओपी, डीएपी और कीटनाशक, ब्रांडिंग कम्पनी के मिले बैग पकड़ा, डस्ट पर रंग चढ़ाकर एमओपी बनाया जा रहा है। वहीं जिप्सम के दाने से डाई
मुजफ्फरनगर | नई मंडी क्षेत्र के गांव सिलाजुड्डी में एसडीएम सदर निकिता शर्मा, जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया और सीओ मंडी रूपाली ने नकली उर्वरक की फैक्ट्री को पकड़ा। यहां पर भारी मात्रा में एमओपी, डीएपी और पेस्टीसाइड बरामद हुआ है। इसके अलावा कई ब्रांडिंग कम्पनियों के बैग भी मौके पर मिले है। कृषि विभाग की टीम ने एमओपी, डीएपी और पेस्टीसाइड के नमूने लिए है। वहीं कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। वहीं मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
जनपद में नकली उर्वरक और पेस्टीसाइड का बड़े स्तर पर खेल चल रहा है। शनिवार को गांव सिलाजुड्डी में नकली उर्वरक बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। एसडीएम सदर और सीओ मंडी ने सूचना मिलने पर इस फैक्ट्री को पकड़ा है। इसकी सूचना जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया को दी गई। जानकारी मिलने पर जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया, वरिष्ठ लिपिक देवेन्द्र चौधरी और सचिन पुंडीर के साथ मौके पर पहुंचे। यहां पर भारी मात्रा में एमओपी, डीएपी और पेस्टीसाइड मिला है। कृषि विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए एमओपी, डीएपी और पेस्टीसाइड के नमूने लेकर जांच के लिए लैब में भेजा है। वहीं कार्रवाई करते हुए इस फैक्ट्री को सील कर दिया गया है।
डस्ट पर रंग चढ़ाकर बनाया जा रहा था एमओपी उर्वरक
गांव सिलाजुड्डी में पकड़ी गई फैक्ट्री मालिक का नाम रमेश बताया जा रहा है। इसके पास फैक्ट्री में माइक्रो न्यूटन उर्वरक बनाने का लाइसेंस है, लेकिन यहां पर अवैध रूप से एमओपी, डीएपी और पेस्टीसाइड मिला है। बताया जाता है कि डस्ट पर रंग चढ़ाकर एमओपी बनाया जा रहा है। वहीं जिप्सम के दाने से डाई बनाई जा रही है। इसके बाद उक्त नकली उर्वरक को ब्रांडिंग कम्पनियों के बैग में भरकर सप्लाई की जाता है।
रुड़की रोड पर पकड़े गए गोदाम से जुड़े हैं तार
अभी कुछ समय पूर्व रुड़की रोड पर जिला कृषि अधिकारी और वरिष्ठ लिपिक राहुल चौधरी ने कार्रवाई करते हुए नकली उर्वरक और पेस्टीसाइड का गोदाम पकडा था। यहां पर भी ब्रांडिंग कम्पनी के बैग रखे मिले थे। जो हापुड़ से छपाई कर मंगाए गए थे। शनिवार को सिलाजुड्डी में पकड़ी गई नकली उर्वरक की फैक्ट्री के तार इस गोदाम से भी जुड़े हैं। बताया जाता है कि दोनों एक ही गैंग है। जो नकली उर्वरक बनाकर किसानों के साथ धोखाकर रहे हैं।














