-आंतरिक, प्रैक्टिकल और कौशल विकास की थ्योरी एवं प्रैक्टिकल में ग्रेस नहीं
मेरठ। एनईपी बीए, बीकॉम एवं बीएससी में पांच अंक तक फेल छात्र-छात्राओं का पीजी में प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है। चौधरी चरण सिंह विवि ने ग्रेस अंकों के फैसले का हवाला देते हुए ऐसे छात्रों को पीजी में प्रवेश से नहीं रोकने के निर्देश दिए हैं। विवि सत्र 2021-22 से एनईपी में छात्रों को प्रत्येक सेमेस्टर में किन्हीं भी तीन पेपर कोड में अधिकतम पांच अंकों का ग्रेस देगा। यह ग्रेस केवल उन पेपर में मिलेगा जिनकी परीक्षा विवि कराता है। आंतरिक एवं प्रयोगात्मक और कौशल विकास पाठ्यक्रमों की सैद्धांतिक एवं प्रयोगात्मक परीक्षा में ये ग्रेस अंक नहीं मिलेंगे। विवि के अनुसार इस नियम से एनईपी में जिनका परिणाम प्रभावित हो रहा है, उन्हें पीजी में प्रवेश से नहीं रोका जाएगा।
जिनके परिणाम डिटेंड, छात्र जमा करें प्रमाण पत्र
विवि ने विभिन्न कारणों से रोके गए परिणाम में छात्र एवं कॉलेजों को संबंधित प्रमाण पत्र जमा कराने को कहा है। विवि के अनुसार परीक्षा फॉर्म, माइग्रेशन, तय शुल्क जमा नहीं करने, गलत विषय कोड का चयन और परीक्षा के लिए अर्ह प्रमाण जमा नहीं करने से परिणाम रोके गए हैं। विवि के अनुसार जिन छात्रों के परिणाम डिटेंड श्रेणी में हैं वे संबंधित प्रमाण पत्र अपने कॉलेज में जमा करा दें। कॉलेज प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच करते हुए विवि में जमा कर दें ताकि मार्कशीट जारी की जा सकें। विवि के अनुसार डिटेंड श्रेणी वाले छात्रों के परीक्षा फॉर्म अगले सत्र में नहीं खोले जाएंगे। विवि ने कॉलेजों से छात्रों के आंतरिक एवं प्रैक्टिकल अंक भी अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।