लेखपालों ने उनको रामा अस्पताल में भर्ती कराया, गंभीर हालत को देखकर चिकित्सकों ने वैशाली के मैक्स अस्पताल में रेफर किया
धौलाना | तहसील परिसर में बुधवार की सुबह निलंबित लेखपाल ने जहरीला पदार्थ खा लिया। तबियत बिगड़ने पर उनको कोतवाली क्षेत्र के रामा अस्पताल में भर्ती कराया गया। निलंबित लेखपाल के जहरीला पदार्थ खाने की सूचना पर एसडीएम शुभम श्रीवास्तव, सीओ अनीता चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जहां चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी की। हालत में सुधार नहीं आने पर उनको वैशाली के मैक्स अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
लेखपाल सुभाष मीणा के चालक शाहिद ने बताया कि बुधवार की सुबह उनको जिला मेरठ सरधना के गांव बेगवाबाद से लेकर धौलाना आ रहा था। वह रास्ते में पिलखुवा रूके और किसी से मुलाकात कर तहसील के लिए रवाना हो गए। तहसील पहुंचकर एक ऑफिस में पहुंचे। जिसके बाद वो गाड़ी पर आए और उससे पानी मांगा और पिकर तहसीलदार से मिलने की बात बोलकर अंदर चले गए। शाहिद ने बताया कि पानी पीने के दौरान उसको शक हुआ। जिसके बाद उसने जानने वाले लेखपालों को इसके बारे में जानकारी दी। जहां लेखपाल उनको देखने के लिए तहसीलदार के कार्यालय पहुंचे, लेकिन सुभाष मीणा वहां नहीं मिले थे। नायब तहसीलदार के कार्यालय में उल्टी कर रहे थे। जिनको आनन फानन में गाड़ी से लेकर रामा अस्पताल पहुंचे। इसके बाद इनके परिवार में सूचना दी। सूचना मिलते ही उनके पुत्र सचिन और अभिषेक वहां पहुंचे।
लेखपालों ने परिसर में धरना दिया
लेखपाल सुभाष मीणा के बारे में जानकारी मिलने पर लेखपाल रामा अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी की। इसके बाद लेखपालों ने कार्रवाई की मांग को लेकर परिसर में ही धरना दे दिया। लेखपालों ने कार्रवाई की मांग की। जिसके बाद उनको एसडीएम शुभम श्रीवास्तव ने हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद लेखपाल उनकी बात को मान गए।
गांव डहाना में ग्राम चौपाल में हुई थी शिकायत
तीन जून को डीएम अभिषेक पांडेय ने गांव डहाना में ग्राम चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। इस दौरान शिकायतकर्ता भूपेंद्र ने लेखपाल सुभाष मीणा पर पांच सौ रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। जिसके बाद डीएम ने उनको तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
शिकायतकर्ता ने पांच लाख रुपये की मांग की
चालक शाहिद ने बताया कि वो सुभाष मीणा को लेकर सोमवार को नगर पालिका स्थित सीओ ऑफिस पहुंचे। जहां उन्होंने अपने बयान दर्ज कराए थे। इसके बाद शिकायतकर्ता भूपेंद्र ने उनसे मामले में फैसला करने को लेकर पांच लाख रुपये की मांग की थी। उन्होंने भूपेंद्र को कोई भी रुपये देने से साफ इंकार कर दिया था।
पिलखुवा, डहाना, सिरोधन और सपनावत था क्षेत्र
तहसील अध्यक्ष लेखपाल र्निदेशपाल ने बताया कि सुभाष मीणा अपना पिलखुवा क्षेत्र देखते थे। वहीं उनके पास गांव डहाना, सपनावत और सिरोधन का अतिरिक्त क्षेत्र था। ग्रामीणों के द्वारा लगाए आरोप बिल्कुल निराधार थे। डीएम को मामले की ठीक से जांच करानी चाहिए थी। जिसके बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करते। आरोप है कि शिकायतकर्ता की झूठी शिकायत करने पर डीएम ने तत्काल उनको निलंबित कर दिया था।